Budget 2022: महज हफ्ते भर में होगा आम बजट पेश, निर्मला सीतारमण कर सकती हैं इन 10 प्रमुख मुद्दों पर रहेगा खास ध्यान

Budget 2022: 1 फरवरी 2022 को निर्मला सीतारमण अपने कार्यकाल का चौथा आम बजट( Budget) पेश करने जा रही है. कोविड-19 की बढ़ती महामारी तथा बढ़ती महंगाई को ध्यान में रखते हुए इस बार का बजट पेश करने की उम्मीद है. उम्मीद की जा रही है कि इस बार के बजट(budget) में आम जनता को ज्यादा राहत मिलेगी. विशेषज्ञों और वेतन भोगियों को 2022 के बजट(budget) से खासा उम्मीदें हैं. जहां एक तरफ टेलीफोन बिल से लेकर मोबाइल रिचार्ज तक हर चीज महंगी हो गई है वहीं क्या यह सरकार वेतन भोगियों को कोई लाभ पहुंचाने में मदद करेगी.
1. कोविड-19 की महामारी के मद्देनजर ज्यादातर ऑफिस सिरसिया तो 50% कर्मचारियों के साथ चल रही है या फिर वर्क फ्रॉम होम करा रही है. ऐसे में work-from-home करने वालों के सामने दिक्कत यह है कि उन्हें बिजली बिल और मोबाइल रिचार्ज, इंटरनेट जैसी दूसरी सुविधाएं प्राप्त करने के लिए बढ़ी हुई महंगाई के तहत ज्यादा भुगतान करना पड़ रहा है. इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट ऑफ इंडिया ने भी work-from-home के तहत काम करने वालों को अतिरिक्त टैक्स छूट देने का सुझाव दिया है. अब देखना यह है कि वित्त मंत्री को इन बातों का कितना असर पड़ता है.
2. कोविड-19 के दस्तक से स्वास्थ्य बीमा योजनाओं की भरमार लग गई है हर कोई अपना योजना करवाना चाहता है ऐसे में बीमा विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार को स्वास्थ्य बीमा को पांच परसेंट जीएसटी के स्लैब में रखना चाहिए ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका फायदा उठा सके.
3. ऑटोमोबाइल सेक्टर की तरफ से ईवीएस को कम बजट दरों पर प्राथमिकता देने के लिए ऑटोमोबाइल क्षेत्र की ओर से अपनी बजट(budget) मांगों को लेकर वित्त मंत्रालय को भी सुझाव दिए गए हैं.
4. हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र को करोना महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित होना पड़ा है. महामारी से होने वाले खाम्याजे के मद्देनजर, बजट 2022(budget) को बहाल जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट की तरफ देख रहा है.
5. बैंक और एमएसएमई उद्योग क्षेत्र आपातकालीन क्रेडिटलाइन गारंटी योजना के स्वरूप समर्थन की मांग कर रहा है जिससे बैंकों द्वारा दिए गए ऋण पर राष्ट्र क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी द्वारा 100 फ़ीसदी क्रेडिट गारंटी शामिल है.
6. एफएमसीजी क्षेत्र को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से आशा है कि वह ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के हाथों में पैसा देना जारी रखें.
7. विमान उद्योग कम से कम 2 वर्षों के लिए टैक्स फ्री तथा न्यूनतम वैकल्पिक टैक्स के निलंबन की उम्मीद कर रहा है. कोविड-19 महामारी ने विमानन क्षेत्र को खासा नुकसान पहुंचाया है जिसके बाद एयरलाइंस भी चाहती है कि सरकार उन्हें कर में छूट दे.
8. जलवायु परिवर्तन को भारत में नवीन करण क्षेत्र और निवेश आधारित कर प्रोत्साहन की तलाश है. उम्मीद है वित्त मंत्री इस पर भी ध्यान देंगी.
9. वेतन भोगियों की उम्मीद है कि मौजूदा मानक कटौती को ₹50000 से बढ़ाकर 75000 या अधिकतम ₹100000 तक कर दिया जाएगा.
10. 2022 का बजट पिछले दो बार की तरह फिर से कोविड-19 महामारी के साए में पेश होने जा रहा है ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि असमानता को दूर करने के लिए वेल्थ टैक्स और विरासत कर को फिर से शुरू किया जाना चाहिए.



